एडवांस रिदम: ट्रिपलेट, सिंकोपेशन, स्विंग और ऑड मीटर
“रिदम और नोट की लंबाई” और “बार और टाइम सिग्नेचर” वाले पाठों में हर बीट ठीक-ठीक दो हिस्सों में बँटती थी, और हर बार (खाने) में 2, 3 या 4 बीट होती थीं। असली संगीत इससे खेलता है: बीट तीन हिस्सों में बँटती हैं, ज़ोर अनोखी जगहों पर पड़ता है, और कुछ बार में 5 या 7 बीट होती हैं। नीचे हर विचार के साथ बटन जोड़ियों में हैं, ताकि आप फ़र्क़ तुरंत सुन सकें।
इस पाठ में

ट्रिपलेट: दो की जगह में तीन
आमतौर पर एक बीट दो एट्थ नोट में बँटती है। ट्रिपलेट उसकी जगह उसी बीट में तीन बराबर नोट समा देता है। इसे समूह के ऊपर एक छोटे 3 से लिखा जाता है, अक्सर एक ब्रैकेट के साथ। बीट लंबी नहीं होती; बस हर नोट थोड़ा छोटा हो जाता है, जैसे एक ही केक को दो की जगह तीन दोस्तों में बाँटना।
इसे गिनने के लिए हर बीट पर तीन अक्षरों वाला कोई शब्द बोलिए, जैसे “ट-मा-टर”, और बीट को बिलकुल पहले जितना ही एक-सा रखिए। पहले दो बटन दबाइए: वही टेम्पो, वही बीट, पहले हर बीट में दो नोट और फिर तीन।
जब एक हाथ हर बीट में दो नोट बजाता है और दूसरा तीन, तो “दो बनाम तीन” बनता है। हर बीट का सिर्फ़ पहला नोट साथ पड़ता है; बाक़ी बीच में पड़ते हैं, जिससे हल्का-सा लुढ़कता अहसास आता है।
- एट्थ नोट: हर बीट पर दो बराबर नोट।
- ट्रिपलेट: उसी बीट में तीन बराबर नोट।
- नीचे के स्वर हर बीट में दो बजाते हैं, जबकि ऊँचे स्वर तीन।
आज़माइए: धीरे-धीरे पैर से थपकी दीजिए और हर थपकी पर “ट-मा-टर” बोलिए, फिर “आ-लू” पर आ जाइए। आपके पैर की रफ़्तार नहीं बदलनी चाहिए।
सिंकोपेशन: अनोखी जगहों पर ज़ोर
“बार और टाइम सिग्नेचर” वाले पाठ में हर बार की पहली बीट सबसे ज़ोरदार थी। सिंकोपेशन ज़ोर को वहाँ से हटा देता है जहाँ हम उसकी उम्मीद करते हैं: कोई नोट कमज़ोर बीट पर या दो बीट के बीच (“एंड” पर) शुरू होता है, और उसे थामा या ज़ोर से बजाया जाता है, जिससे ज़ोरदार बीट चुप हो जाती है।
यह नाच में अचानक लिए गए किसी कदम जैसा है। नीचे एक-सी बीट चलती रहती है, जबकि धुन उससे थोड़ा आगे कूद जाती है। दोनों के बीच की यही खींचतान संगीत को उछलता हुआ बनाती है। रैगटाइम अपनी सिंकोपेटेड, “फटी-फटी” (ragged) रिदम के लिए जाना जाता है, और लैटिन संगीत, जैज़ और पॉप भी सिंकोपेशन से भरे हैं।
बटन दबाइए: वही धुन, वही ड्रम, पहले हर नोट बीट पर, फिर नोट “एंड” पर खिसकाए हुए।
- हर नोट बीट पर शुरू होता है।
- लगभग वही नोट, अब बीट के बीच शुरू होते हुए।
आज़माइए: 1 2 3 4 पर ताली बजाइए। फिर अंक ज़ोर से गिनते रहिए, लेकिन ताली सिर्फ़ उनके बीच वाले “एंड” पर बजाइए।
स्विंग: लंबे-छोटे एट्थ नोट
एट्थ नोट की जोड़ियों को बिलकुल बराबर बजाइए, तो संगीत “स्ट्रेट” (सीधा) लगता है। स्विंग में हर जोड़ी लंबी-छोटी बजाई जाती है: पहला नोट बीट का ज़्यादा हिस्सा लेता है, और दूसरा छोटा और हल्का होता है, कुछ-कुछ फुदककर चलने की लय जैसा।
इसे समझने का एक आम तरीक़ा ट्रिपलेट से है: पहला नोट ट्रिपलेट के दो नोट जितना चलता है और दूसरा एक जितना, यानी लगभग 2 और 1। असली वादक इसे हर समय बदलते रहते हैं; जैज़ संगीतकार धीमे टेम्पो पर ज़्यादा खुला स्विंग करते हैं और तेज़ टेम्पो पर लगभग बराबर के क़रीब। शीट म्यूज़िक में आमतौर पर सादे एट्थ नोट ही दिखते हैं, और सबसे ऊपर “Swing” जैसा कोई शब्द बताता है कि उन्हें लंबा-छोटा बजाना है।
बटन दबाकर वही धुन पहले स्ट्रेट और फिर स्विंग में सुनिए।
- एट्थ नोट की जोड़ियाँ, बिलकुल बराबर।
- वही जोड़ियाँ लंबी-छोटी बजती हुई, लगभग 2 और 1।
सिंपल और कंपाउंड टाइम: 3/4 या 6/8?
सिंपल टाइम में हर बीट दो हिस्सों में बँटती है: 2/4, 3/4 और 4/4 सब सिंपल हैं। कंपाउंड टाइम में हर बीट तीन हिस्सों में बँटती है, इसलिए एक बीट एक डॉटेड क्वार्टर नोट होती है (तीन एट्थ नोट जितनी लंबी)। 6/8 में ऐसी दो बीट होती हैं, 9/8 में तीन और 12/8 में चार।
3/4 और 6/8 दोनों के एक बार (खाने) में छह एट्थ नोट होते हैं, इसलिए वे एक जैसे दिखते हैं, लेकिन नोट अलग तरह से समूहों में बँटे होते हैं। 3/4 दो-दो के तीन समूह है: एक एंड दो एंड तीन एंड, जिसमें हर अंक पर ज़ोर। 6/8 तीन-तीन के दो समूह है: एक दो तीन चार पाँच छह, जिसमें “एक” और “चार” पर ज़ोर। एक वाल्ट्ज़ की तरह कदम रखता है; दूसरा दो बड़े झूलों में झूलता है।
12/8 चार बड़ी बीट है, हर एक तीन में बँटी हुई। यह ऐसा लगता है जैसे 4/4 की हर बीट पर ट्रिपलेट हों, और आप इसे अक्सर धीमे ब्लूज़ में सुनेंगे।
- छह एट्थ नोट 2+2+2 में बँटे: तीन ज़ोरदार बीट।
- छह एट्थ नोट 3+3 में बँटे: दो ज़ोरदार बीट।
- चार बड़ी बीट, हर एक में तीन नोट, धीमे ब्लूज़ के अंदाज़ में।
ऑड मीटर: 5/4 और 7/8
कुछ संगीत 5 या 7 बीट वाले बार इस्तेमाल करता है। हम ऐसे बार को लगभग हमेशा 2 और 3 के छोटे समूहों के मेल की तरह सुनते हैं। 5/4 आमतौर पर 3+2 या 2+3 होता है। इसका एक मशहूर उदाहरण गुस्ताव होल्स्ट की “द प्लैनेट्स” (1914–1917 में लिखी गई) का “मार्स, द ब्रिंगर ऑफ़ वॉर” है, जो रचना के ज़्यादातर हिस्से में 5/4 का एक दमदार पैटर्न दोहराता है। जैज़ में “टेक फ़ाइव”, जिसे पॉल डेज़मंड ने लिखा और डेव ब्रूबेक क्वार्टेट ने 1959 में रिकॉर्ड किया, भी 5/4 में है।
7/8 सात तेज़ एट्थ नोट है, जो अक्सर 2+2+3 में बँटे होते हैं: छोटा, छोटा, लंबा। बाल्कन क्षेत्र के कई नाच ऐसे समूह इस्तेमाल करते हैं; मसलन बुल्गारिया का राचेनित्सा 2+2+3 वाला नाच है। इसे ऐसे गिनिए: “एक दो, एक दो, एक दो तीन”, हर “एक” पर ज़ोर देकर।
बटन दबाइए: ड्रम और नीचे के स्वर हर समूह की शुरुआत बताते हैं।
- एक बार (खाने) में पाँच बीट, तीन और दो की तरह सुनाई देती हुई।
- सात तेज़ नोट: छोटा, छोटा, लंबा।
समूह कैसे सुनें
पहले सबसे छोटी बराबर पल्स ढूँढ़िए: सबसे तेज़ नोट जो एक ही रफ़्तार से आते रहते हैं। फिर उन नोटों को सुनिए जो ज़्यादा भारी लगते हैं, जैसे नीचे वाला ड्रम, बेस का कोई स्वर या कॉर्ड का बदलना। एक भारी नोट से अगले तक छोटी पल्स गिनिए और समूह लिख लीजिए: 3+3 है 6/8, 2+2+2 है 3/4, और 2+2+3 एक तरह का 7/8 है।
उन्हीं सात पल्स में लंबे समूह की जगह बदलने से पूरा अहसास बदल जाता है। नीचे 2+2+3 और 3+2+2 की तुलना कीजिए: नोट वही हैं, सिर्फ़ भारी नोट खिसकते हैं।
अगर मुश्किल लगे, तो धीमा कीजिए। संगीत के साथ कुछ बार ज़ोर से गिनिए, और आपकी आवाज़ अपने-आप समूहों में बैठ जाएगी।
- छोटा, छोटा, लंबा: लंबा समूह आख़िर में आता है।
- लंबा, छोटा, छोटा: लंबा समूह पहले आता है।
आज़माइए: मेज़ पर थपकी दीजिए “एक दो, एक दो, एक दो तीन” (हर “एक” पर ज़ोर), जब तक यह नाच के कदम जैसा न लगने लगे, फिर तीन वाले समूह से शुरू करके देखिए।
पियानो की आवाज़: Salamander Grand Piano, Alexander Holm द्वारा (CC BY 3.0)।