स्टाफ़: संगीत कैसे लिखा जाता है
संगीत को लिखा जा सकता है, ताकि दूर बैठा या बहुत समय बाद आने वाला कोई इंसान भी उसे बजा सके। इस लिखावट में पाँच रेखाएँ, कुछ चिह्न और ऊपर-नीचे रखे नोट होते हैं। यह किसी गुप्त कोड जैसा दिखता है, लेकिन असल में यह एक तस्वीर है जो दिखाती है कि हर स्वर कितना ऊँचा सुनाई देता है।
इस पाठ में

स्टाफ़: नोट्स की सीढ़ी
संगीत स्टाफ़ पर लिखा जाता है: पाँच रेखाएँ और उनके बीच चार स्पेस (खाली जगहें)। इसे एक लेटी हुई सीढ़ी समझें। हर रेखा और हर स्पेस सीढ़ी का एक डंडा है। हम रेखाओं को नीचे से गिनते हैं: सबसे नीचे वाली रेखा पहली रेखा है।
कोई नोट या तो रेखा पर बैठता है या स्पेस में। नोट जितना ऊपर बैठता है, आवाज़ उतनी ही ऊँची होती है। बटन दबाएँ और सुनें कि नौ नोट सीढ़ी पर एक-एक डंडा चढ़ते हैं।
आज़माएँ: किसी भी नोट को टैप करके सुनें। क्या ऊपर बैठा नोट आवाज़ में भी ऊँचा होता है?
क्लेफ़: कौन सा स्वर कहाँ रहता है
स्टाफ़ की शुरुआत में बना घुमावदार चिह्न क्लेफ़ कहलाता है। यह बताता है कि हर रेखा कौन सा स्वर है। क्लेफ़ के बिना ये रेखाएँ कोई भी स्वर हो सकती हैं।
आपको सबसे ज़्यादा दो क्लेफ़ मिलेंगे। ट्रेबल क्लेफ़ ऊँचे स्वरों के लिए है। बास क्लेफ़ नीचे के स्वरों के लिए है। पियानो के संगीत में दोनों इस्तेमाल होते हैं: दायाँ हाथ आमतौर पर ट्रेबल क्लेफ़ पढ़ता है और बायाँ हाथ बास क्लेफ़।
किसी नोट को टैप करके उसकी आवाज़ सुनें।
स्टाफ़ पर स्वरों के नाम पढ़ना
हर रेखा और हर स्पेस का एक स्वर-नाम होता है, और ये नाम अंग्रेज़ी वर्णमाला में ऊपर चढ़ते हैं: A B C D E F G, फिर दोबारा A। एक रेखा से अगले स्पेस पर जाएँ, तो अगले अक्षर पर पहुँच जाते हैं।
ट्रेबल क्लेफ़ में रेखाएँ, नीचे से ऊपर, E G B D F हैं। स्पेस F A C E हैं। बास क्लेफ़ में रेखाएँ G B D F A हैं और स्पेस A C E G। (ये अक्षर-नाम पश्चिमी संगीत के नाम हैं। भारतीय सरगम के सा रे ग म प ध नि अलग प्रणाली है, इसलिए सा को C मत समझिए।)
इन्हें एक साथ याद करना ज़रूरी नहीं। उस रेखा को सीखें जहाँ से आपका क्लेफ़ शुरू होता है (ट्रेबल क्लेफ़ में G, बास क्लेफ़ में F), और वहाँ से ऊपर या नीचे गिनते जाएँ।
किसी नोट को टैप करके उसकी आवाज़ सुनें।
मिडिल C और लेजर लाइनें
अगर कोई नोट पाँचों रेखाओं से ऊँचा या नीचा हो तो? तब हम सिर्फ़ उसी नोट के लिए एक छोटी अतिरिक्त रेखा जोड़ देते हैं। इसे लेजर लाइन कहते हैं।
सबसे ज़रूरी लेजर-लाइन वाला नोट मिडिल C है, यानी पियानो के बीच के पास वाला C। यह ट्रेबल स्टाफ़ के नीचे एक लेजर लाइन पर बैठता है, और बास स्टाफ़ के ऊपर एक लेजर लाइन पर। पियानो पर यह एक ही कुंजी है। यह दोनों क्लेफ़ का मिलन-बिंदु है।
शार्प, फ़्लैट और नैचुरल
नोट के आगे लगा एक चिह्न उसे एक सेमीटोन (हाफ़ स्टेप) बदल सकता है। शार्प (♯) नोट को एक सेमीटोन ऊँचा करता है। फ़्लैट (♭) उसे एक सेमीटोन नीचा करता है। नैचुरल (♮) शार्प या फ़्लैट को रद्द करके नोट को उसके सादे नाम पर लौटा देता है।
पियानो पर शार्प और फ़्लैट ज़्यादातर काली कुंजियाँ होते हैं। इन्हें उस नोट से पहले लिखा जाता है जिसे वे बदलते हैं।
छोटी क्विज़: नोट का नाम बताएँ
ट्रेबल स्टाफ़ पर बने नोट को देखें और उसका नाम चुनें। उसे ढूँढ़ने के लिए रेखाओं (E G B D F) और स्पेस (F A C E) का सहारा लें।
पियानो की आवाज़: Salamander Grand Piano, Alexander Holm द्वारा (CC BY 3.0)।