ब्राज़ील का संगीत: तीन जड़ें, एक बड़ा कार्निवाल
ब्राज़ील का संगीत तीन तरह के संगीत से उगा, जो एक ही जगह मिले: मूल-निवासी, अफ़्रीकी और पुर्तगाली। इसी मिश्रण से सांबा, बोसा नोवा, फ़ोरो और बहुत-सी और आवाज़ें निकलीं।
इस पाठ में

ब्राज़ील कैसा सुनाई देता है
बहुत पहले उस ज़मीन पर पहले से रहने वाले लोगों के अपने गीत, झुनझुने और बाँसुरियाँ थीं। फिर पुर्तगाल से लोग आए, जो गीत, गिटार जैसे वाद्य और यूरोपीय धुनें लाए। अफ़्रीका से भी बहुत लोग आए, और वे ढोल, लय और सवाल-जवाब वाला गायन लाए। सैकड़ों सालों में आपस में घुल-मिलकर इन तीन जड़ों ने ब्राज़ील का संगीत बनाया।
सांबा वह आवाज़ है जो बहुत लोगों को सबसे पहले याद आती है। एक मशहूर शुरुआती गीत, «पेलो तेलेफ़ोने» (Pelo Telefone), लगभग 1916 में रिकॉर्ड हुआ और 1917 की शुरुआत में जारी हुआ, और कार्निवाल में हिट रहा। 1928 में रियो दे जनेरो में पहला «सांबा स्कूल» बना। सांबा स्कूल असल में मोहल्ले का एक बड़ा समूह होता है जो हर साल के कार्निवाल जुलूस के लिए साथ गाता, नाचता और बजाता है।
1950 के दशक के आख़िर में बोसा नोवा (bossa nova) नाम की एक शांत, धीमी शैली आई। इसके नाम का मतलब लगभग «नया तरीक़ा» है। गायक धीमी आवाज़ और नर्म गिटार के साथ गाते हैं। बाद में, 1960 के दशक के आख़िर में, ट्रोपिकालिया (Tropicália) के कलाकारों ने ब्राज़ीली संगीत को दुनिया भर की नई आवाज़ों से मिलाया। उनके बाद MPB (Música Popular Brasileira, यानी «ब्राज़ील का लोकप्रिय संगीत») नाम की एक व्यापक शैली बढ़ी, जिसमें विचारशील गीत और बहुत-से ख़ुद गीत लिखने वाले गायक हैं।
ब्राज़ील की जोशीली क्षेत्रीय शैलियाँ भी हैं। फ़ोरो (forró) उत्तर-पूर्व से आता है और अकॉर्डियन, एक बड़े ढोल और ट्रायंगल के साथ बजता है। अक्से (axé) 1980 के दशक में बाहिया राज्य के सल्वाडोर में शुरू हुआ और सड़क की पार्टियों के लिए एक ख़ुशनुमा डांस संगीत है। फ़ंक कारियोका (funk carioca) 1980 के दशक में रियो दे जनेरो में ज़ोरदार बीट वाले डांस संगीत के रूप में शुरू हुआ।

एक घेरे और एक जुलूस की कहानी
कापोएइरा के घेरे को «रोदा» (roda) कहते हैं। उसमें दो लोग हरकतों का खेल खेलते हैं, और बाक़ी सब ताली बजाते और गाते हैं। बेरिम्बाउ, यानी लौकी वाला धनुष, खिलाड़ियों को बताता है कि कितनी तेज़ी से और कितना नीचे झुककर चलना है।
हर सांबा स्कूल अपने सालाना जुलूस के लिए एक विषय चुनता है। फिर संगीतकार उस विषय पर गीत लिखते हैं और आपस में मुक़ाबला करते हैं, और स्कूल का जीता हुआ गीत हज़ारों लोग मार्च करते हुए गाते हैं।
उस गीत के पीछे सैकड़ों ढोल-वादकों की «बातेरिया» (bateria) रफ़्तार तय करती है। गहरे सुर्दो ढोल बीट को स्थिर रखते हैं, ताकि पूरा जुलूस एक साथ चल सके।
पारंपरिक वाद्य यंत्र
ब्राज़ील के बहुत-से वाद्य यंत्र लय के लिए हैं, और उनमें से ज़्यादातर इतने छोटे हैं कि जुलूस में उठाकर चल सकें।
- कवाकिन्यो (cavaquinho)
- चार तारों वाला गिटार जैसा एक छोटा वाद्य जो पुर्तगाल से आया; वादक सांबा में लय बनाए रखने के लिए इसे मिज़राब से तेज़ी से बजाते हैं।
- बेरिम्बाउ (berimbau)
- तार और खोखली लौकी वाला एक लंबा लकड़ी का धनुष; इसे एक छोटी डंडी से थपथपाया जाता है, और यह कापोएइरा की मुख्य आवाज़ है, जो संगीत के साथ होने वाली एक ब्राज़ीली युद्ध-कला है।
- पांदेइरो (pandeiro)
- छोटी धातु की झाँझों वाला गोल हाथ का ढोल, डफ़ली जैसा, जिसे अँगूठे, उँगलियों और हथेली से बजाया जाता है।
- सुर्दो (surdo)
- एक बड़ा, गहरा बास ढोल; सांबा बैंड में सुर्दो वह स्थिर धड़कन बनाए रखते हैं जिसके पीछे बाक़ी सब चलते हैं।
- कुईका (cuíca)
- एक छोटा ढोल जिसके अंदर एक डंडी होती है; वादक डंडी को गीले कपड़े से रगड़कर चीं-चीं जैसी आवाज़ निकालता है, जिसकी तुलना कुछ लोग हँसी से करते हैं।
- अगोगो (agogô)
- आपस में जुड़ी दो धातु की घंटियाँ, हर एक का अलग स्वर, जिन्हें डंडी से बजाया जाता है; इसका नाम पश्चिम अफ़्रीका की योरूबा भाषा से आया है।
- तांबोरिम (tamborim)
- बहुत छोटा, हल्का ढोल जिसे एक हाथ में पकड़कर पतली डंडी से तेज़ी से बजाया जाता है, जिससे चमकदार, फुर्तीले पैटर्न बनते हैं।
- रेको-रेको (reco-reco)
- खाँचों वाला एक खुरचने का वाद्य; जब आप उस पर डंडी घसीटते हैं तो «रेको-रेको» की आवाज़ आती है, जहाँ से इसका नाम आया है।
कैसे सुनें
ब्राज़ील का संगीत लय की कई परतों से भरा है। पहले एक-एक वाद्य को अलग से सुनने की कोशिश कीजिए, फिर सबको एक साथ सुनिए।
- बीटों के बीच का धक्का सुनिए
- सांबा ज़्यादातर दो-दो की गिनती में चलता है, और उसकी लयें अक्सर मुख्य बीटों के बीच में पड़ती हैं, जिसे सिंकोपेशन (syncopation) कहते हैं।
- सवाल-जवाब सुनिए
- सांबा और कापोएइरा में एक अकेला गायक एक पंक्ति गाता है और एक समूह उसका जवाब देता है।
- धीमा गिटार सुनिए
- बोसा नोवा में गिटारवादक एक कोमल, सिंकोपेटेड पैटर्न बजाता है जो सांबा के ढोलों की नक़ल करता है, और गायक की आवाज़ मुलायम रहती है।
Sowlea मेट्रोनोम को धीमी गति पर रखिए और हर क्लिक पर ताली बजाइए। फिर ताली सिर्फ़ क्लिकों के बीच में बजाइए। क्लिकों के बीच की यह ताली ही सिंकोपेशन का एहसास है।
ब्राज़ील के संगीत की कहानी के बड़े पल
- लगभग 1500 सेतीन तरह के संगीत मिलते हैं
पुर्तगाली लोग आते हैं, और समय के साथ मूल-निवासी, पुर्तगाली और अफ़्रीकी संगीत घुलने-मिलने लगते हैं।
- 1899एक कार्निवाल मार्च
शिकिन्या गोंज़ागा «ओ आब्री आलास» (Ô Abre Alas) लिखती हैं, जिसे अक्सर पहला कार्निवाल मार्च कहा जाता है।
- 1916–1917एक मशहूर शुरुआती सांबा
«पेलो तेलेफ़ोने» रिकॉर्ड होता है और कार्निवाल का हिट बन जाता है; बहुत लोग इसे पहला रिकॉर्ड हुआ सांबा कहते हैं।
- 1928पहला सांबा स्कूल
रियो दे जनेरो में «देइशा फ़ालार» (Deixa Falar) की स्थापना होती है, और पिशिन्गीन्या «कारिन्योसो» (Carinhoso) लिखते हैं, जो शोरो (choro) शैली का एक प्यारा गीत है।
- 1930–1945बाखियाना ब्रासिलेइरा
संगीतकार एइतोर विला-लोबोस नौ रचनाएँ लिखते हैं जो बाख़ की शैली को ब्राज़ीली धुनों से मिलाती हैं।
- 1958बोसा नोवा आता है
जोआओ जिल्बेर्तो आंतोनियो कार्लोस जोबिम और विनिसियस दे मोराएस के गीत «शेगा दे साउदादे» (Chega de Saudade) को रिकॉर्ड करते हैं, और यह शांत नई शैली फैलती है।
- 1968ट्रोपिकालिया
युवा कलाकारों का एक समूह एल्बम «ट्रोपिकालिया: ऊ पानिस एत सिर्केंसिस» (Tropicália: ou Panis et Circencis) जारी करता है, जो ब्राज़ीली संगीत को नए विचारों से मिलाता है।
- 1984सांबोड्रोम
रियो दे जनेरो में सांबा स्कूलों के जुलूसों के लिए एक ख़ास सड़क-स्टेडियम खुलता है।
खोजकर सुनने लायक नाम
ये सिर्फ़ उदाहरण हैं, कोई रैंकिंग नहीं; किसी बड़े से पूछिए या इन नामों को खोजकर उनका संगीत सुनिए।
- पिशिन्गीन्या
- शिकिन्या गोंज़ागा
- कार्तोला
- एइतोर विला-लोबोस
- लुइज़ गोंज़ागा
- जोआओ जिल्बेर्तो
- गाल कोस्ता
- एलिस रेजीना
- दानिएला मेर्कुरी
- अनिता
इसी बीच, दुनिया भर में
लगभग उन्हीं समयों में दूसरी जगहों पर क्या हो रहा था, यह देखिए।
- 1685जर्मनी में बाख़ का जन्म
जब ब्राज़ील में पुर्तगाली और अफ़्रीकी संगीत घुल-मिल रहा था, तब यूरोप का एक भावी महान संगीतकार पैदा हुआ।
- 1895पहली फ़िल्म दिखाई गई
फ़्रांस में लूमियर बंधु टिकट ख़रीदने वाली भीड़ को फ़िल्में दिखाते हैं, ब्राज़ील के पहले कार्निवाल मार्च से बस कुछ साल पहले।
- 1917पहले जैज़ रिकॉर्ड
अमेरिका में एक बैंड कुछ सबसे पहले जैज़ रिकॉर्ड बनाता है, उसी साल जब सांबा का पहला हिट आया।
- 1928आवाज़ वाला मिकी माउस कार्टून
«स्टीमबोट विली» (Steamboat Willie) सिनेमाघरों में दिखाया जाता है, उसी साल जब पहला सांबा स्कूल बना।
- 1958अमेरिका के लिए एक उपग्रह
अमेरिका अपना पहला उपग्रह, एक्सप्लोरर 1, छोड़ता है, उसी साल जब बोसा नोवा शुरू हुआ।
- 1969लोग चाँद पर चलते हैं
अपोलो 11 चाँद पर उतरता है, ट्रोपिकालिया के मशहूर एल्बम के एक साल बाद।
पियानो की आवाज़: Salamander Grand Piano, Alexander Holm द्वारा (CC BY 3.0)।