वाद्य यंत्रों के परिवार: हर एक आवाज़ कैसे बनाता है
गिटार, फ़्लूट, ढोल और ट्रम्पेट देखने में बिलकुल अलग हैं, लेकिन सब एक ही राज़ की बात करते हैं: वे किसी चीज़ को कंपन कराते हैं। यह बात जान लेने के बाद वाद्य यंत्रों की पूरी दुनिया समझना बहुत आसान हो जाता है।
इस पाठ में

हर आवाज़ एक थरथराहट है
अपनी उँगलियाँ हल्के से गले पर रखें और गुनगुनाएँ। आपको गुदगुदी जैसी महसूस होगी। वह गुदगुदी कंपन है: कोई चीज़ बहुत तेज़ी से आगे-पीछे हिल रही है। फुसफुसाहट से लेकर ढोल तक, हर आवाज़ किसी चीज़ के थरथराने से शुरू होती है।
थरथराहट अपने आसपास की हवा को धकेलती है, और हवा उसे आपके कान तक पहुँचा देती है। चीज़ कितनी तेज़ थरथराती है, इससे तय होता है कि स्वर ऊँचा होगा या नीचा। तेज़ थरथराहट ऊँची सुनाई देती है, जैसे चूहे की चीं-चीं। धीमी थरथराहट नीची सुनाई देती है, जैसे बड़ा ढोल।
वाद्य यंत्र समझदार मशीनें हैं, जो जान-बूझकर कंपन पैदा करती हैं, उसे चलाए रखती हैं और इतना तेज़ बना देती हैं कि सुनाई दे।
करके देखें: दो उँगलियों के बीच रबर बैंड खींचें और उसे छेड़ें। देखें कि वह धुँधला हो जाता है। अब उसे और कसकर खींचें और फिर छेड़ें: स्वर ऊँचा हो जाता है।
परिवार
संगीतकार वाद्य यंत्रों को इस आधार पर परिवारों में बाँटते हैं कि कंपन किससे पैदा होता है। ये रहे वे परिवार।
- तार वाद्य
- कसे हुए तार को छेड़ने, गज से रगड़ने या मारने पर वह कंपन करता है। वायलिन, चेलो, गिटार, हार्प।
- वुडविंड
- किसी किनारे के ऊपर से या रीड के बीच से फूँकी गई हवा नली के अंदर कंपन करती है। फ़्लूट, क्लैरिनेट, ओबो, सैक्सोफ़ोन।
- ब्रास
- बजाने वाले के होंठ धातु के मुखपत्र में भिनभिनाते (बज़ करते) हैं, और नली उस भिनभिनाहट को बड़ा बना देती है। ट्रम्पेट, हॉर्न, ट्रॉम्बोन, ट्यूबा।
- ताल वाद्य
- किसी चीज़ को मारा, हिलाया या रगड़ा जाता है। ढोल, झाँझ (सिम्बल), ज़ाइलोफ़ोन, ट्रायंगल।
- कीबोर्ड
- कुंजियों की एक कतार आवाज़ को नियंत्रित करती है। पियानो में छोटे हथौड़े तारों पर चोट करते हैं; ऑर्गन में हवा नलियों से गुज़रती है।
- आवाज़
- फेफड़ों की हवा गले की दो छोटी तहों को कंपन कराती है। मुँह उस आवाज़ को शब्दों और स्वरों का आकार देता है।
बड़ा मतलब नीचा, छोटा मतलब ऊँचा
एक परिवार के भीतर, सबसे बड़े वाद्य यंत्र आमतौर पर सबसे नीचे स्वर बजाते हैं, और सबसे छोटे आमतौर पर सबसे ऊँचे। लंबा तार, लंबी नली या बड़ा ढोल छोटे तार, नली या ढोल की तुलना में धीमा थरथराता है।
वायलिन छोटा होता है और ऊँचा गाता है। डबल बास किसी बड़े आदमी जितना ऊँचा होता है और गहरी गड़गड़ाहट करता है। पिकोलो एक नन्ही फ़्लूट है जिसकी आवाज़ बहुत ऊँची और चमकदार होती है, और ट्यूबा एक विशाल ब्रास वाद्य है जिसकी आवाज़ गहरी और गोल होती है।
आप कौन-सा परिवार सुन रहे हैं?
अगली बार कोई गाना सुनें तो परिवारों के नाम बताने की कोशिश करें। क्या कोई आवाज़ तार से बनी है, किसी के फूँकने से, या किसी चीज़ पर चोट से? बहुत-से गाने तीन या चार परिवारों को साथ में इस्तेमाल करते हैं, और आवाज़ों के इसी मेल को संगीतकार संगीत का सुर-रंग (टोन कलर) कहते हैं।
करके देखें: अपना पसंदीदा गाना चुनें और जितने वाद्य यंत्र सुन सकें, सबके नाम लिख लें। फिर हर एक को उसके परिवार में रखें।
पियानो की आवाज़: Salamander Grand Piano, Alexander Holm द्वारा (CC BY 3.0)।