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संगीत का इतिहास · 3 / 13

बारोक: अलंकरण, ओपेरा और हार्प्सीकॉर्ड

ज़रा एक ऐसी इमारत सोचिए जिसमें सुनहरे घुमाव, रंगी हुई छतें और मूर्तियाँ हों। बारोक दौर के संगीत में, लगभग 1600 से 1750 तक, सजावट और नाटकीयता का वैसा ही प्यार है।

7 अक्टूबर 2026 को समीक्षा की गई

इस पाठ में

"बारोक" का मतलब क्या है?

माना जाता है कि यह शब्द एक पुर्तगाली शब्द से आया है, जिसका मतलब है अनियमित आकार का मोती। इसका इस्तेमाल पहले उस समय की बहुत सजी हुई इमारतों और चित्रों के लिए हुआ, और बाद में संगीत के लिए भी।

बारोक संगीत कैसा सुनाई देता है

बारोक की धुनें अक्सर अलंकरण कहलाने वाले छोटे-छोटे तेज़ घुमावों से सजी होती हैं। इनके नीचे एक दमदार बेस लाइन, जिसे हार्प्सीकॉर्ड या ऑर्गन और सेलो बजाते हैं, सबको थामे रखती है। इसे बासो कॉन्टिन्यूओ कहते हैं।

बारोक संगीत को कंट्रास्ट पसंद है। वादकों का एक समूह अचानक धीमी आवाज़ में बजा सकता है, फिर ज़ोर से, फिर दोबारा धीमी आवाज़ में, जैसे सीढ़ियाँ ऊपर-नीचे जाती हों।

पहले ओपेरा

ओपेरा, यानी शुरू से आख़िर तक गाया जाने वाला नाटक, लगभग साल 1600 में इटली में शुरू हुआ। आज भी प्रस्तुत किए जाने वाले पहले महान ओपेरा में से एक है क्लाउदियो मोंतेवेर्दी का L'Orfeo (ओरफ़ेओ), जो पहली बार 1607 में इटली के शहर मंटुआ में प्रस्तुत हुआ था।

मशहूर बारोक संगीतकार

ये संगीतकार यूरोप में रहते थे, और इनकी कई रचनाएँ आज भी बजाई जाती हैं।

अंतोनियो विवाल्दी (1678–1741)
वेनिस के एक वायलिन वादक और पादरी। उन्होंने सैकड़ों कॉन्सर्टो लिखे, जिनमें "द फ़ोर सीज़न्स" भी है।
योहान सेबास्टियन बाख़ (1685–1750)
एक जर्मन ऑर्गन वादक और संगीतकार, जिन्होंने कई धुनों को चतुराई से आपस में गूँथा।
जॉर्ज फ़्रेडरिक हैंडल (1685–1759)
जर्मनी में जन्मे, लंदन में रहे और ओपेरा तथा ओरेटोरियो "मेसायाह" लिखा, जो पहली बार 1742 में डबलिन में प्रस्तुत हुआ।
हेनरी परसेल (1659–1695)
एक अंग्रेज़ संगीतकार, जिन्होंने थिएटर के लिए संगीत लिखा, जिसमें "डिडो एंड ईनियस" नाम का एक ओपेरा भी है।
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पियानो की आवाज़: Salamander Grand Piano, Alexander Holm द्वारा (CC BY 3.0)।