क्लारा शुमान: एक सितारा पियानोवादक और संगीतकार
क्लारा शुमान 19वीं सदी की सबसे सराही गई पियानोवादकों में से एक थीं। उन्होंने साठ साल से ज़्यादा समय तक पूरे यूरोप के कॉन्सर्ट हॉल में प्रस्तुतियाँ दीं, और अपना संगीत भी लिखा।
इस पाठ में

एक नन्हा सितारा
क्लारा का जन्म 1819 में जर्मनी के लाइपत्सिग में हुआ था। उनके पिता फ़्रीडरिष विक एक मशहूर पियानो शिक्षक थे, और वे उन्हें हर दिन ध्यान से सिखाते थे। उन्होंने नौ साल की उम्र में अपना पहला सार्वजनिक कॉन्सर्ट दिया, और किशोरावस्था तक वे यूरोप के कई हिस्सों में जानी जाने लगी थीं।

संगीत, परिवार और काम
1840 में क्लारा ने संगीतकार रॉबर्ट शुमान से शादी की। उनके आठ बच्चे हुए। क्लारा कॉन्सर्ट देती रहीं, सिखाती रहीं और संगीत रचती रहीं, और उन्होंने अपने पति का संगीत भी कई श्रोताओं के सामने बजाया। 1856 में रॉबर्ट के निधन के बाद उन्होंने अपने परिवार का ख़याल रखने के लिए सफ़र किया और काम किया।
वे 1891 तक प्रस्तुतियाँ देती रहीं और 1896 में उनका निधन हो गया।
उनका संगीत
क्लारा ने गीत, पियानो की रचनाएँ और एक पियानो कॉन्चर्टो लिखा, जिसे उन्होंने पहली बार किशोरावस्था में बजाया था। जीवन में आगे चलकर उन्होंने नया संगीत कम लिखा, और उन्होंने लिखा कि कॉन्सर्ट, पढ़ाने और बच्चों के कारण उनके पास समय कम है।
वे क्यों मायने रखती हैं
ऐसे समय में, जब बहुत कम महिलाएँ पेशेवर संगीतकार बन पाती थीं, क्लारा ने पियानोवादक के रूप में लंबा करियर बनाया। वे सार्वजनिक कॉन्सर्ट में याददाश्त से बजाने वाले शुरुआती कलाकारों में भी थीं, जिससे बजाने का यह तरीक़ा ज़्यादा आम हुआ।
पियानो की आवाज़: Salamander Grand Piano, Alexander Holm द्वारा (CC BY 3.0)।